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ओरिएंटल यूनिवर्सिटी में “योग के साथ वेलनेस पर विशेषज्ञ सत्र:
ओरिएंटल यूनिवर्सिटी में इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) सेल के सहयोग से, फैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट, कॉमर्स एंड मीडिया स्टडीज़ (FOMC&MS) द्वारा “योग के साथ वेलनेस पर विशेषज्ञ सत्र: एक स्वस्थ जीवन की ओर” शीर्षक से एक ज्ञानवर्धक और स्फूर्तिदायक सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऑडिटोरियम II में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस सत्र में जाने-माने योग प्रशिक्षक राज राजोले मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए, जिन्होंने समग्र कल्याण के लिए योग के महत्व पर अपनी जोशीली और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम का संयोजन श्री लोकेश श्रीवास और श्री ऋतुराज श्रीवास्तव ने किया, जबकि इसके समन्वय का कार्य श्री आशुतोष श्रीवास्तव ने बखूबी संभाला।
सत्र की शुरुआत एक गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ मंजरी गुप्ता (FOMC&MS) ने मुख्य वक्ता को विकास और निरंतरता के प्रतीक के रूप में एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद, FOMC&MS के अधिष्ठाता डॉ मनमीत सिंह ने सराहना के प्रतीक के तौर पर उन्हें विश्वविद्यालय का एक स्मृति-चिह्न भेंट किया।
इस सत्र के दौरान, श्री राज राजोले ने मंच पर विभिन्न प्रकार के योगासन करके दिखाए; साथ में बज रहे सुमधुर संगीत ने एक आकर्षक और शांत वातावरण का निर्माण किया। उन्होंने छात्रों को वृक्षासन, त्रिकोणासन और भुजंगासन जैसे सरल योगासनों का अभ्यास कराया, और फिर नटराजासन, गरुड़ासन और बकासन जैसे मध्यम-स्तर के आसनों की ओर आगे बढ़े। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘प्रतिस्पर्धी योग’ की अवधारणा से भी परिचय कराया, और इसके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
दर्शकगण उनकी विशेषज्ञता, सटीकता और ऊर्जावान प्रदर्शन से अत्यंत प्रभावित हुए। पूरे सत्र के दौरान छात्रों ने बार-बार तालियाँ बजाकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और सत्र के समापन पर, संकाय सदस्यों और छात्रों—दोनों ने ही उनके इस प्रेरणादायक प्रदर्शन की सराहना में खड़े होकर उनका अभिवादन किया।
श्री प्रवीण ठकराल (माननीय कुलाधिपति), प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई (माननीय प्रतिकुलाधिपति), श्री गौरव ठकराल (माननीय प्रतिकुलाधिपति), प्रो. (डॉ.) गरिमा घई (माननीय मुख्य प्रबंध निदेशक), प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे (माननीय कुलगुरु) और श्री अजयेन्द्र नाथ (उप पंजीयक) के मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन श्री लोकेश श्रीवास द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने इस कार्यक्रम को भव्य रूप से सफल बनाने के लिए रिसोर्स पर्सन, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम मे 100 से भी अधिक प्रतिभागियो ने प्रतिभाग लिया।


